जो भी करेगा हवन होगा शुध्द उसका मन
आजमालो इकबार ये करके यतन -
प्रभु को जो पाना हो तो आहुतियो का दान दों
शुध्द धी और सामग्री से सुगन्ध का एक धाम लो
जन -जन के उपकारी बन कर लो प्रभु के दर्शन -
आजमालो इकबार ...
सोचना विचारना क्या ऐसे शुभ काम में .
आनन्द मिलेगा तुमको विश्व के कल्याण में .
आज से ही करो प्रयत्न .हो जाओ प्रभु में मगन _
आजमालो इकबार ...
वेदों में लिखा हुआ हवन शुभ कर्म है .
हवन करना ही सारे आर्यो का धर्म है .
होगा घर -घर जो हवन .याद आएंगे राम कृष्ण _
आजमालो इकबार ....
प्रभु कृपा होती उन पर जो करते हवन है .
भोजन के पहले गाते प्रभु का भजन है .
करलो प्रभु का चिन्तन .साक्षी होंगे धरती गगन -
आजमालो इकबार .....
आर्य समाज मन्दिर
नक्की झील , आबू पर्वत